बीते दौर में गुजरे वो पल---
नए दौर की इस दुनिया के
रस्मों रिवाज अनोखे है ।जिनको कभी ना सोचा करते
वो आयाम सामने है ।
फिर भी कितने मग्न हो
उन्हें निभाते जाते है ।
काश वो बीते दिन जो लौटे
उन्हें याद कर फिर सोचे
पर ऐसा जो हो जाए तो
हम भी उनमें खो जाए
एक बार लिए ही जो वो
काश जो वापस आ जाए ---
होगा जो सौभाग्य ही मेरा
उन पल में लौट आऊँ
पर लगता है उस क्षण के
लिए एक छोटा ऋण भी
चुकाना है ।
तभी वो हासिल हो सकते हैं
ये तो सच है ।
सच ही नहीं बिल्कुल सच है ।

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