Thursday, August 24, 2017

Just Like That

उलझने हैं बहुत

सुलझा लिया करता हूँ,
फोटो खिंचवाते वक़्त मैं अक्सर
मुस्कुरा लिया करता हूँ.....


क्यूँ नुमाइश करूँ
मैं अपने माथे पर शिकन की,
मैं अक्सर मुस्कुरा के इन्हें
मिटा दिया करता हूँ.....

क्योंकि.....


जब लड़ना है खुद को
खुद ही से तो हार-जीत में
कोई फ़र्क नहीं रखता हूँ.....

हारु या जीतू कोई रंज नहीं
कभी खुद को जिता देताहूँ
कभी खुद से जीत जाता हूँ.....

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